
सर्वाम्नाय रहस्य और तंत्र साधना: हिंदी पाठ्यक्रम
About
सर्वाम्नाय और विमर्श कुल में शामिल होने से पहले यह हिंदी पाठ्यक्रम आपके लिए बिल्कुल उपयुक्त है। इस पाठ्यक्रम में आचार्यजी सर्वाम्नाय तंत्र में प्रवेश करने से पहले सबसे सामान्य प्रश्नों के उत्तर देते हैं, उदाहरण के लिए सर्वाम्नाय तंत्र, तांत्रिक साधना क्या है और उसके क्रम में विभिन्न प्रणालियाँ , पद्धतियाँ, अभ्यास क्या हैं और दर्शन क्या है। आचार्यजी बताते हैं कि तांत्रिक साधना किस प्रकार वेदांत और हठ योग से भिन्न और समान है, गुरु परंपरा का क्या महत्व है, मंत्र दीक्षा और जप साधना के क्या अंग हैं, शक्तिपात क्या हैं।
साधना का अर्थ है - तंत्र, जप, भक्ति, पूजा, उपासना, ज्ञान, योग, ध्यान जैसी विधियों के अभ्यास के माध्यम से सत्य की प्राप्ति। यह पाठ्यक्रम उन शुरुआती लोगों के लिए बनाया गया है जिन्हें तंत्र साधना के बारे में कम जानकारी है I यह आपकी तांत्रिक साधना को गहरा करने के लिए एक परिचयात्मक पाठ्यक्रम है।
Course contents
पाठ्यक्रम13 steps
- पाठ्यक्रम
- षड्विध तांत्रिक साधना, अधिकार और लक्ष्य47:47
- दीक्षा का अधिकार, जप-नियम और पद्धिति1:10:16
- आगम और तंत्र, तंत्र में मंत्र-मुद्रा-मंडल का महत्व48:56
- गुरु, दर्शन और स्वाध्याय का महत्व, इच्छा और काम41:02
- तंत्र साधना में प्राणायाम, शिव कृपा, मंत्र सिद्धि47:46
- पाशुपत मत, सर्वाम्नाय तंत्र, कश्मीर शैवदर्शन41:58
- दुर्गा, त्रिपुरसुन्दरी, कुब्जिका, दश महाविद्या31:29
- आत्म-स्वभाव, उपनिषद-वेदांत-भगवद गीता की मूल शिक्षा33:11
- विमर्श, स्पंद, माया, आनंद क्या हैं51:08
- दर्शन के आचार्य कैसे बने, आप दार्शनिक हैं या साधक?30:09
- तंत्र-वैद मैं समन्वय, तंत्र साधना-योग मैं अंतर25:24
- सर्वमान्य तंत्र का विश्लेषण32:27